शेरनी....???
ब्रम्हा नहीं मैं,
पर जन्म तुझे देती हुँ...
कोख में ९ महिने,
सम्भाल के मैं रखती हुँ...
विष्णू नहीं मैं,
पर पोषण तेरा करती हुँ...
तेरे तन और मन को,
स्वस्थ मैं बनाती हुँ...
काली नहीं मैं,
पर सज़ा तुझे देती हुँ...
आखिर-कार तुझे,
संस्कारी मैं बनाती हुँ...
खुद के अस्तित्व की,
लढाई रोज लढती हुँ...
शेरनी नहीं मैं,
पर, शेर की सवारी करती हुँ...
-Pranjali Ashtikar

Sahii Hai Dude
ReplyDeleteThanks Nik😃😁
DeleteThis one is so amazing. Loved it so much
ReplyDeleteThank U so Much Amit😃😃😊
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