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 छोट्या छोट्या हातांनी,  कोणी बोट माझं धरणार का...???  कोवळ्या कोवळ्या आवाजाने,  कान माझे दुमदुमणार का...????  त्याच्या एका स्पर्शाने,  चोळी माझी भिजणार का...???  त्या मऊ गालांचा पापा,  कधी घ्यायला भेटणार का...???  हक्काची मायेची हाक,  कधी ऐकायला येणार का...???  माझ्या पोटाचा गोळा,  कधी हातात येणार का...???  सर्वांना हवे असलेले,  सुख मला भेटणार का...???  या जन्मात कधीतरी,  मी आई होऊ शकणार का...???  (कधी=कधीतरी)  -Pranjali Ashtikar

Holi

Holi  Burn the evil,  Things-emotions...  Also the Devil, Destroying love potions...  Make ash of things,  That destroy Ur feelings...  What makes all ease,  Is the mental peace...  Bring colours & joy & also the Happiness...  From life of Loved ones,  Remove all sadness...  Open Ur eyes,  & listen the gentle voice...  Which makes U realize,  U r the source of all delight...  -Pranjali Ashtikar

Ye na re...

  ये ना रे...  ये ना रे, जवळ ये जरा...  मिठीत आपल्या, धरून घे मला...  येऊ दे ना रे, तुझ्या कुशीत मला...  हळूच प्रेमाने, तू कुरवाळ मला...  नको बोलू काही, फक्त बघ मला...  जास्त काही नको, फक्त तू हवा...  चल ना माझ्यासोबत, जिथे असेल थंड हवा...  फक्त दोघे असू तिथे, आणि असेल शांतता...  तू बसला राहशील, कुशीत घेऊनी मला...  ऐकू येईल मला स्पष्ट, तुझ्या ह्रदयाचा ठोका...  आपल्या हातात, माझा हात घे जरा...  किती प्रेम करतो माझ्यावर, हे मला सांग जरा...  खूप काही नको, तुझा थोड़ा वेळ हवा...  देऊ शकशील का या जन्मी, साथ तू मला...???  -Pranjali Ashtikar

Mujhe samajh aa raha h...

  मुझे समझ आ रहा है...  जिसे बोलती थी,  हक से अपना...  आज वो अपनी,  जान छुड़ा रहा है...  जो मेरे लिए,  सब छोड़ आता था...  किसी और के लिए,  अब मुझे छोड़ रहा है...  सबसे पक्की है अपनी यारी,  ये समझती थी मैं...  तुझे अपना हमेशा,  मानती थी मैं...  आज भी मुझे,  यकीन नहीं हो रहा है...  कभी मेरा भी दिल तोड़ सकता है तू,  ये सोच, दिल सहम रहा है...  तुझसे बहस करू,  या मार ही डालु...  हक से याद दिलाऊँ,  या हक छोड़ जाऊँ...  आज पहली बार,  मन में सवाल रहा है...  आखिर क्युँ मुझसे तू,  मुँह मोड़ रहा है...  धीरे-धीरे, मुझसे तू,  दूर जा रहा है...  अंजान नहीं हूँ मैं,  मुझे समझ रहा है...  किस गलती की मुझे,  तू सज़ा दे रहा है...  मेरी गलती क्या है ये छोड़कर,  मुझे सब समझ आ रहा है...  -Pranjali Ashtikar

Naya Saal

 नया साल...  नया साल, नई उमंग...  नए ख्वाब, नई तरंग...  नए साल का, नया है जोश...  मदहोशी में भी, मुझे है होश...  प्यार का थोड़ा, नशा सा है...  बिन पिये ही जो, चढ़ गया है...  नए साल की, चुनौतियाँ नई...  देख रही मेरा रस्ता, दर पे खड़ी-खड़ी...  धुंधली है मंजिल, धुंधली है राह...  चलना है सम्भलकर, जहाँ तक जाती निगाह...  करना है सफर, साथ ए हमसफर...  सम्भाल लेना तू मुझे, हर गली-हर डगर...  नया है पाठ, नया है डर...  हिम्मत से पार इसे, कर लुंगी मगर...  इसके पहले की ये जोश, ठंडा हो जाए...  कृपा करो भगवन, की मेरा काम बन जाए...  -Pranjali Ashtikar

Yaad rakhu ya bhul jaau....???

 याद रखु या भूल जाऊँ....???  याद रखु तुझे,  या भूल जाऊँ...  बोल ये मामला,  आखिर कैसे सुलझाऊँ...  तेरे राहते,  कोई आता ना यहाँ...  अब तो मेरी किताबें भी,  हो गई है मुझसे खफा...  कल-तक जो रहती थी,  दिन-रात साथ मेरे...  अब रूठ गई है वो,  रवइए से मेरे...  अब भी हर वक्त रहती वो,  हाथों में मेरे...   पर तेरे रहते,  इससे वफा निभाऊँ में कैसे....???  🤷‍♀️ -Pranjali Ashtikar  (Main, meri books aur "Wo")  [Wo=📱 ] 🤪

Udaasi Ki Dawa

  उदासी की दवा उदास सा लग रहा था,  मन कही भी ठहेर नहीं रहा था...  बिना वजह ये बेचैनी क्यूँ है,   पता नहीं चल-पा रहा था...  कई तरह से मन को,  उलझाना  चाहा हमने...  पर ये तो था आज,  एक अलग ही गम में...  उपाय मुझे मिला नहीं,  सोचा, तुमसे राय ले-लू...  अगर कोई हो दवा इस मर्ज की,  वो मैं झट से खा-पी लू...  बात करते-करते मुझे,  एहसास यू हुआ...  बेचैन ये मन,  आखिर था किसके लिए हुआ...  पता मुझे चला,  तुम ही हो मेरी दवा...  तुम ही हो जिसके लिए,  दिल उदास था हुआ...  -Pranjali Ashtikar

Tune kuch kaha...

तुने कुछ कहा...    तुने कुछ कहा,  मैंने कुछ सुना...  प्यार के माहौल को,  नाराज़गी का बादल नीगल गया...  दोनों बैठे,  मुँह फुलाए...  कौन किसे,  पहले मनाए...  रहे खयालो में,  एक-दुसरे के हम...  पर क्युँ करे,  इस बार पहल हम...  मैंने किया इंतज़ार तेरा,  और तुने मेरा, तुझे मनाने का...  बिन मतलब चलता रहा,  ये सिलसिला रूसवाई का...  पागल से इस दिल को अब,  बेचैनी हो रही है...  तुझसे दो पल की दुरी भी,  बर्दाश्त नहीं हो रही है...  छोड़ो ये सब फिजूल बातें,  मुझे गले से तुम लगालो...  बाहो में मुझे भरके तुम,  मेरी साँसें मुझे लौटा दो...  - Pranjali Ashtikar

U will find Me...

U will find me In loneliness,  U will find me...  Sitting beside U...  Listening U... Whenever sad,  U will find me,  Holding U...  Understanding U... If feeling low,  U will find me,  Encouraging U...  Restoring U... When U r about to give up,  U will find me,  Pushing U Up...  Boosting Up... In confusion,  U will find me,  Hunting solutions with U... Confronting U...  In happiness,  U will find me,  Celebrating with U...  Enjoying with U.... Everywhere U go,  U r gonna find me,  Bcoz in Ur Heart,  U r carrying me...  Caring me... -Pranjali Ashtikar

Aaja...

  आजा आजा परिंदे, लौट के तू...  इंतज़ार तेरा,  कर रही हु मैं...  क्या हर वक्त साथ,  नहीं रह सकते हम...  आज यहीं,  सोच रही हु मैं...  तु होता है कभी,  कभी तेरे ख्याल...  तुने ही मचाया है,  मेरे दिल में बवाल...  आजा अब जल्दी,  ज्यादा देर ना लगा...  मैं कब से तेरी राह देख रही हुँ,  अकेली बैठे-बैठे यहाँ...  - Pranjali Ashtikar

Shukriya hazar baar...

शुक्रिया हज़ार बार यु तुम्हारा,  मेरी जिंदगी में आना...  धीरे-धीरे करके,  बहोत कुछ बन जाना...  मेरा तुमपे,  एतबार करना...  सारी दुनियाँ की नसिहते,  नज़रअंदाज़ करना...  जो बात होनी थी,  हो ही गई...  तुमने औकात अपनी,  दिखा ही दी...  तुमने चाहा,  मैं रोऊँ...  जो कभी ना की,  उस गलती पे पछताऊँ...  नाक रगड़ के,  माफी मैं माँगू...  तुम्हारी सेवा में,  हर दफा लगी रहूँ...  तुम हो इंसान,  भगवान नहीं...  जो चाहो तुम,  हर बार वो होगा नहीं...  टूटे तुमसे रिश्ते,  जब सारे के सारे...  चली गई तकलीफें भी,  जो बैठी थी तुम्हारे सहारे...  तुम गई तो,  बहोत अच्छा हुआ...  मेरा अगला पड़ाव,  अब शुरू हुआ...  खुद पे थोड़ा,  हमने रहम किया...  फिर एक बार,  खुद से प्यार किया...  दुआएं हमारी,  कुबूल हुई...  दोस्तों (सच्चे) के शकल में,  जन्नत नसीब हुई...  खिलखिलाने लगी है,  जिंदगी मेरी...  अब बेहतर लग रही है,...

Yarana

  याराना खुबसूरत सा,  हमारा ये रिश्ता था...  तू मेरा,  और मैं तेरा था...  साथ, खाना-पीना-सोना,  एक दुसरे को हसाना -रुलाना...  रात-रात साथ बैठ,  ज़िंदगी की गुत्थी सुलझाना...  यार था तू मेरा,  मेरे लिए अब भी है...  पहले था दो दिल का,  अब रिश्ता एक तर्फि है...  कई तूफाने समेटे थे हमने,  ये आँधी इतनी मुश्किल ना थी...  तेरी भी थी जरूरत,  सिर्फ मेरी पहल काफी ना थी...  कुछ अलफाज़ो की चुभन,  अब भी महसूस हो रही है...  उन्हें अनसुना करने की दिल की कोशिश,  साफ समझ आ रही है...  इन सब से क्या लेना मुझे,  मतलब सिर्फ एक से है...  तू हसता-खेलता रहे,  तमन्ना सिर्फ ये एक ही है...  हर दुआ कबुल हो तुम्हारी,  चाहत ये मेरी है...  मिले अगर तुम्हारी नाराज़गी,  तो भी मेरी मंजूरी है... -Pranjali Ashtikar

Cry Alone

Cry alone... I'll not cry,  In front of U...  I'm strong enough, To handle emotional flu...  I'll not tell,  Ur words hurt me...  Or how deep,  They tore me...  Why should my smile fade,  Because of U...  When U didn't realize,  I got hurt by U...  I'll not give,  Explanation to U...  To understand or not,  The choice is upto U...  This is my pain,  I'll tackle on my own...  I'm strong enough,  To cry alone...  -Pranjali Ashtikar

Saccha Aur Samajhdaar Dost

सच्चा और समझदार दोस्त  जैसे थे शोले के,  वैसे ही हम भी है...  जिस जय और वीरू के,  खाते सब कसमें है...  तेरे लिए तो हम,  इस दुनिया से लड़ सकते है...  और जरूरत पड़ी तो,  तुम्हारे भी हात-पैर तोड़ सकते है...  पर सब कुछ हम,  तुम्हारे लिए ही करते है...  आखिर हम भी,  तुम्हारा भला ही सोचते है...  लड़कियों की बुरी नज़रों से,  तुम्हें हम ही बचाते है...  मम्मा-पप्पा से डाट भी,  हम जान-बुझ के खिलवाते है...  हमने अपना फर्ज़,  पुरी ईमानदारी से निभाया है...  आखिर हमें भी तो मरने के बाद,  भगवान को मुहँ दिखाना है...  -Pranjali Ashtikar

😶

😶 जुबा बोली,  मैं मस्त हूँ...  आँखें बोली,  दिल को टोल तू...  मुस्कुराने की कोशिश,  और गम छुपाने की...  काफी अच्छी की तुने,  मुझसे झुठ बोलने की...   दर्द तुझे बया करने की,  जरूरत नहीं...  जख्म अपने दिखाने की,  इजाजत नहीं...  तुझे देख के,  तेरी कश्मकश, मैं समझ लू...  आ, तेरे हाथों को छु कर,  तेरा दर्द समेट लू...  -Pranjali Ashtikar

Baki h...

  बाकी है....... इतने जल्दी,  हिम्मत ना हारो तुम... अब भी कई , काली रातें आना बाकी हैं...... मुस्कान अपनी,  बनाये रखो.... अब भी कइयों की, खोई उम्मीद लौटाना बाकी है.... बिछड़ेंगे लोग तुमसे, डराएंगे हालात तुझे.... पर भूल ना जाना तू , तुझमें जान अब भी बाकी है..... ये तबाही ये बर्बादी, इससे छुटकारा मिलना अब भी बाकी है..... अभी तो जंग शुरू हुई है, जंग जीतना अभी बाकी है..... -Pranjali Ashtikar

MY POETRY

 MY POETRY Earlier In childhood,  Reading poems was fun...  Every poem has a story,  But, I can't read much...  I believe i never can,  Pen it down...  Unless it came,  2020's lockdown...  Poetry has,  Entered my world...  When I failed,  To express my love...  Poetry has done,  That work for me...  When the 1 st ever poem,  Get written by me...  Later I jotted down,  Many of my feelings...  Inspite I refuse,  Each one has a meaning...  This makes,  My vision more more clear...  I now handle the things,  Which were earlier, impossible to bear...  Poetry has brought,  Many precious things for me...  Specially some special frnds,  Who loves me unconditionally...  Making poetry is like, Communication with our soul...  Which makes us from inside,  More more strong...  When mouth shuts down,  But U can't settle down..  Ur po...

Anandachi Vyakhya

  आनंदाची व्याख्या ओठावरचे  हसू,  की डोळ्यातले अश्रू...  आनंदाची कोणती???  व्याख्या मी करू... सूर्याचे तेज,  की चंद्राचा प्रकाश...  माझ्या मनासारखे पाहिजे,  हाच आहे अट्टाहास... हिवाळ्यात ऊन,  देते आनंद...  उन्हाळ्यात हेच,  करते जेरबंद... !!! उडणारे फुलपाखरू,  की गोजिरवाणे वासरू...  आनंदाची कोणती??? व्याख्या मी करू... आयुष्यात हवे,  नात्याची साथ...  दुःखातून सावरतांना ,  मित्र पाहिजे खास... मायेचा हात,  पाठिवरची  थाप...  हेच माझ्यासाठी,  आनंद आहे खास... कधी हे, कधी ते म्हणणारे,  मन हे आहे वेडे पार...  कधी फक्त तुझ्या असण्याने,  मला आनंद होतो फार... आनंदाची व्याख्या,  कशी शब्दात करू...???  हे तर आहे माझ्या मनाचे,  गोंडस लेकरू... ओठावरचे  हसू,  की डोळ्यातले अश्रू...  आनंदाची कोणती???  व्याख्या मी करू... - प्रांजली आष्टिकर

Mauka

मौका मौका मौका मौका,  दिया हर बार तुझे...  धोका धोका धोका,  लौटाया हर बार मुझे...  नियत नियत नियत,  समझी इस बार तेरी...  फितरत फितरत फितरत,  ना बदली इस बार भी तेरी...  अहमियत अहमियत अहमियत,  जितनी दि मैंने तुझे...  काबील काबील काबील,  नहीं है तू उसके लिए...  माफ माफ माफ,  कि अब तक गलती तेरी...  अब बस. . . . !!!!!  तुम जैसे दगाबाज़ो की,  मेरे ज़िंदगी में कोई जगह नहीं...  "Get Out" -Pranjali Ashtikar

Do's & Don'ts

  Do's & Don'ts Don't get panic,  But be aware...  Don't take stress,  But do care...  Don't spread rumors, But support the sufferers...  Accelerate the system,  Inspite of being speed breaker...  Serve the needy,  Not just do publicity...  Do take care of others,  Yours, will be taken by Almighty...  -Pranjali Ashtikar