Our words will express your feelings.
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सवेरा...
माना वो वबा,
फिर आयी है...
साँस लेने पर भी,
जिसने पाबंदी लगाई है...
कोई भी चीज़,
हमेशा के लिए नहीं होती...
यहाँ मौसम बदलते,
देर नहीं लगती...
ये मौत का मौसम भी,
कब तक शोर मचाएँगा...
हिम्मत रखो,
रात ढलने को है,
अब सवेरा जल्द ही आएँगा...
- Pranjali Ashtikar
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