मौका
मौका मौका मौका,
दिया हर बार तुझे...
धोका धोका धोका,
लौटाया हर बार मुझे...
नियत नियत नियत,
समझी इस बार तेरी...
फितरत फितरत फितरत,
ना बदली इस बार भी तेरी...
अहमियत अहमियत अहमियत,
जितनी दि मैंने तुझे...
काबील काबील काबील,
नहीं है तू उसके लिए...
माफ माफ माफ,
कि अब तक गलती तेरी...
अब बस. . . . !!!!!
तुम जैसे दगाबाज़ो की,
मेरे ज़िंदगी में कोई जगह नहीं...
"Get Out"
-Pranjali Ashtikar

True lines. Keep up the good work. You always show us the reality in your words.
ReplyDeleteThank U so much Amit😃😊
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