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JAB RASTE ALAG HO JAYE ...


जब रास्ते अलग हो जाए कुछ दूर चलने पर 


जब रास्ते अलग हो जाये कुछ दूर चलने पर,
तू चलना राह पर अकस्मात मत छोडा कर,
निकल जायेगा रुलानेवाला ये भी कठीण समय,
तकदीर का लिखा होता है हमेशा आनंदमय ..

कसम खा ले वापस ना मुडणे की उस मोड पर,
तकलिफ के अलावा तुने पायाही क्या है उस राह पर,
यादो के पिटारो को छोड दे गहरे सागर की लहर पर,
बुनता जा नई रेशम की डोर अफसाने ये भुला कर ..

सारी गलतियो को तु अपनी पहचान ले अब,
सुनहरा भविष्य लायेगी ये लाजवाब क्रांती तब,
धुंडले बंधनो के तक्षण तुटकर गिरणे की वजह,
युही ना टुटे होगे इतने रिश्ते दुनिया में बेवजह ..

जिम्मेदारियों को सदा रखा कर अपनी कंधो पर,
भुलायेगी तुझे ये जीवन के हर बत्तर गम डटकर,
आसान बनेगा सफर इस अद्भुत बोझ के साथ,
करवायेगी वाकीफ खुद से करते हुए हर संकट पर माथ ..

- खुशाल भोयर 

Comments

  1. Ek dam zakaas yaar.. 😀😀
    Ekdam sach likha h.... 👍👍👍
    So touchy.... 👌👌👌

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  2. Very beautifully expressed and concise..... 👏👏👏

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